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बच्चे कैसे पैदा होते हैं: जुड़वा बच्चों की उत्पत्ति का विज्ञान

| 27 Jun 2023 | 3378 Views |

परिचय

माता-पिता बनने की इच्छा, हमारे जीवन के सबसे अनुभवी और सुखद पलों में से एक होती है। यह एक ऐसी यात्रा होती है जिसे हम बेहद प्यार और उत्साह के साथ आनंदित करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बच्चे कैसे पैदा होते हैं? और जुड़वा बच्चे कैसे पैदा होते हैं? चलिए, इस अद्भुत और जटिल प्रक्रिया की जांच करते हैं।

बच्चों की उत्पत्ति: एक अद्भुत यात्रा

हमारे शरीर की कोशिकाओं में से हर एक की अपनी एक कहानी होती है, जो हमें बताती है कि बच्चे कैसे पैदा होते हैं। एक मादा और पुरुष के जीवाणु का मिलन, यानी निषेचन, जीवन की शुरुआत होती है। यह निषेचन क्रिया गर्भाशय के भीतर होती है, जहां नर शुक्राणु मादा अंडाणु से मिलता है।

  1. पहले चरण में, मादा अंडाणु और पुरुष शुक्राणु मिलते हैं।
  2. दूसरे चरण में, इनका यौन संगमन होता है, जिसे निषेचन कहते हैं।
  3. तीसरे चरण में, यह नयी जिंदगी, जिसे भ्रूण कहते हैं, गर्भाशय की कला में स्थापित होती है।
  4. चौथे चरण में, भ्रूण का विकास होता है, जो नौ महीनों तक चलता है।
  5. अंतिम चरण में, बच्चा जन्म लेता है।

यह एक जीवन की अद्वितीय यात्रा है, जिसे हम आश्चर्यचकित होकर देखते हैं।

जुड़वा बच्चों की उत्पत्ति: एक विज्ञान जो आपको आश्चर्यचकित कर देगा

जब एक ही गर्भावस्था में दो या दो से अधिक बच्चे पैदा होते हैं, तो उन्हें जुड़वा बच्चे कहते हैं। यह तब होता है जब एक ही अंडाणु दो शुक्राणुओं से मिलता है या एक अंडाणु दो भागों में बाँट दिया जाता है।

जुड़वा बच्चे कैसे पैदा होते हैं?

  1. एकजजायी जुड़वा: जब एक ही अंडाणु दो भागों में बाँट दिया जाता है, तो वह दो अलग-अलग भ्रूण बन जाते हैं। ये दोनों भ्रूण समान होते हैं।
  2. द्विजजायी जुड़वा: जब दो अलग-अलग अंडाणु दो अलग-अलग शुक्राणुओं से मिलते हैं, तो वह दो अलग-अलग भ्रूण बनते हैं। ये दोनों भ्रूण अलग-अलग होते हैं।

जुड़वा बच्चों की उत्पत्ति एक अद्वितीय और रोमांचकारी घटना होती है, जिसे देखकर हमारा आश्चर्य और आदर बढ़ जाता है।

आम सवाल और उनके उत्तर

बच्चे की उत्पत्ति मादा और पुरुष के जीवाणु के मिलन से होती है। इस प्रक्रिया को निषेचन कहते हैं।

जुड़वा बच्चे तब पैदा होते हैं, जब एक ही अंडाणु दो शुक्राणुओं से मिलता है या एक अंडाणु दो भागों में बाँट दिया जाता है।

एकजजायी जुड़वा तब पैदा होते हैं, जब एक ही अंडाणु दो भागों में बाँट दिया जाता है, जबकि द्विजजायी जुड़वा तब पैदा होते हैं, जब दो अलग-अलग अंडाणु दो अलग-अलग शुक्राणुओं से मिलते हैं।

बच्चे की गर्भावस्था सामान्यतया नौ महीने, यानी करीब 40 सप्ताह तक रहती है।

About The Author
Dr. Richika Sahay

MBBS (Gold Medalist), DNB (Obst & Gyne), MNAMS, MRCOG (London-UK), Fellow IVF, Fellow MAS, Infertility (IVF) Specialist & Gynae Laparoscopic surgeon,[Ex AIIMS & Sir Gangaram Hospital, New Delhi]. Read more

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